शिवताण्डवस्तोत्रम्

रावण द्वारा रचित शिवताण्डवस्तोत्रम् का मूलपाठ देते हुए उसे बोधगम्य बनाने के लिये उसके भावार्थ को संक्षेप में सरल बना कर दिया गया है । तत्पश्चात् उसकी विस्तार से व्याख्या की गई है । अंत में काव्यानुवाद प्रस्तुत किया गया है ।
मूल पाठ
उपक्रम
सरल भावार्थ
व्याख्या
हिंदी काव्यानुवाद